सरायकेला : गायत्री शिक्षा निकेतन विद्यालय प्रांगण में 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश आनंद गोस्वामी के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इस अवसर पर विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय योगेंद्र प्रसाद यादव को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान एवं परेड के साथ समारोह की शुरुआत हुई।


अपने संबोधन में डॉ. गोस्वामी ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 15 अगस्त 1947 के ऐतिहासिक क्षण तक की यात्रा और बीते 78 वर्षों में भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेषकर पिछले 11 वर्षों की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि कैसे भारत आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हुआ है, कैसे देशहित में ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं और विश्व पटल पर भारत की साख और सम्मान में निरंतर वृद्धि हुई है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित में अपना सर्वस्व देने के लिए सदैव तैयार रहें।
मुख्य अतिथि ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार भारतीय जवानों ने पाकिस्तान के चार आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। उन्होंने भारतीय सैनिकों के साहस और शौर्य को नमन किया तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं और बधाई दी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक उदय कांत कुमार ने मुख्य अतिथि डॉ. गोस्वामी, विद्यालय के सचिव इंजीनियर सत्य प्रकाश सुधांशु, कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था में अहम योगदान देने वाले विजय जी, प्राचार्या नीलम सिंघा, शिक्षकगण, अभिभावकगण, सांस्कृतिक कार्यक्रम के एंकर एवं संचालन में योगदान देने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
समापन के अवसर पर उन्होंने अपने प्रेरक शब्दों में कहा—
“जिस तरह फूलों से होती है चमन की ज़ीनत, जिस तरह कपड़े से होती है बदन की ज़ीनत, उसी तरह मेरी हस्ती हो जाए वतन की ज़ीनत।”


