आंध्र प्रदेश में बर्ड फ्लू का कहर, कच्चा चिकन खाने से मासूम की जान गई

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न्यूजभारत20 डेस्क:- राज्य के एक इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कच्चा चिकन खाने से एक 2 साल की बच्ची की मौत हो गई। जांच में पाया गया कि चिकन बर्ड फ्लू से संक्रमित था, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ गई और उसे बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई है और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर आ गया है। मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची के परिवार ने बाजार से चिकन खरीदा था, जिसे अधपका या कच्चा खा लेने के कारण बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तेज बुखार और उल्टियां होने लगीं। परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने बर्ड फ्लू संक्रमण की आशंका जताई। इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

अस्पताल प्रशासन ने बच्ची के सैंपल लिए और जांच के लिए भेजे, जिसमें बर्ड फ्लू वायरस (H5N1) की पुष्टि हुई। डॉक्टरों का कहना है कि बर्ड फ्लू वायरस संक्रमित चिकन या अंडे के सेवन से इंसानों में भी फैल सकता है, खासकर जब वह पूरी तरह से पकाया न गया हो। बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और प्रभावित इलाके में चिकन और पोल्ट्री उत्पादों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे चिकन और अंडे को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं और यदि कोई व्यक्ति बुखार, उल्टी या सांस लेने में तकलीफ महसूस करे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। कई लोगों ने चिकन खाना बंद कर दिया है और पोल्ट्री फार्म संचालकों में भी चिंता बढ़ गई है। सरकार की ओर से पोल्ट्री उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि बर्ड फ्लू से बचने के लिए चिकन और अंडों को कम से कम 70°C तापमान पर अच्छी तरह पकाना जरूरी है। साथ ही, संक्रमित पक्षियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पोल्ट्री फार्मों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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