मंगल सांगीतिक संध्या बैठकी कार्यक्रम में भाव विभोर हुए श्रोता

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 संकट-मोचन संगीत  समिति द्वारा  जमशेदपुर;बिष्टूपुर के श्री आर डी द्विवेदी अखाड़ा में  1989 से प्रारंभ मंगलवार की सांगीतिक बैठकी कार्यक्रम की श्रृंखला में 27 जनवरी मंगलवार की संध्या  कोलकाता से पधारे प्रसिद्ध वरिष्ठ तबला वादक श्री तापस कुमार गांगुली, गायक श्री पारसनाथ पान्डेय एवं मशहूर सारंगी वादक श्री रामलाल मिश्रा जी नें अपनी प्रस्तुति से श्रोताओ को आनंदित  किया।सर्वप्रथम मंदिर की परंपरा के अनुसार सभी गुणी कलाकारों को  संकट मोचन संगीत समिति के अभिभावक  एवं तबला गुरु श्री दयनाथ उपाध्याय, एवं श्री मिहिर बेनर्जी,विदुषी नुपुर गोस्वामी एवं श्री सत्य  प्रकाश तिवारी जी द्वारा  अंगवस्त्र,उपहार एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

पहली प्रस्तुति में प्रसिद्ध  संगीतकार  हिरेन्द्र  गांगुली के पुत्र एवं संगीताचार्य स्वर्गीय संतोष कृष्ण विश्वास जी के शिष्य श्री तापस कुमार गांगुली जी ने झप  ताल में विभिन्न प्राचीन कायदा बजाया फिर बहुत से  टुकड़े बजाकर सभी का मन मोह लिया।76 वर्ष की आयु में भी एकदम युवा उत्साह के साथ उन्होने तबला वादन किया । इनके साथ नगमे पर सारंगी वादक श्री रामलाल मिश्रा ने सुंदर साथ दिया। दूसरी प्रस्तुति में कोलकाता से ही पधारे श्री पारसनाथ पान्डेय ने राग मारुविहाग  में बड़ा ख्याल फिर तीन ताल की एक सुंदर रचना सुनाने के बाद राग बसंत द्रुत एकताल में एक सुंदर रचना गाकर सभी श्रोतागणों को आनंदित किया।फिर  राग  जौनपुरी पर आधारित एक भजन सुनाकर अपनी प्रस्तुति को विराम दिया। इनके साथ तबले पर गुरु श्री दयनाथ उपाध्याय, सारंगी पर श्री राम रामलाल मिश्रा, हारमोनियम पर वीरेंद्र उपाध्याय एवं तानपूरे पर प्रतीक कुमार ने सुंदर संगत किया। कार्यक्रम में जमशेदपुर शहर के कई वरिष्ठ कलाकार एवं संगीत प्रेमी श्रोता जिनमें  सत्यदेेव , मृत्युंजय उपाध्याय,जितेश सहाय, राजेश ठाकुर,रामकिंकर उपाध्याय, उदय सतपती आदि उपस्थित थे।।कार्यक्रम का समापन हनुमान चालीसा से किया गया। मंच संचालन संगीत गुरु श्री बीरेन्द्र उपाध्याय ने किया। उन्होंने सभी संगीत प्रेमियों को संगीत के प्रचार प्रसार में अपना योगदान देने का निवेदन किया।

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