सरायकेला-खरसावां जिले में इन दिनों घरेलू रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है. हालात ऐसे हैं कि सुबह होते ही लोग गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी और गोदामों का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं. सरायकेला स्थित एचपी गैस गोदाम और कार्यालय के बाहर रोजाना लंबी कतारें लग रही हैं, जहां उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.


गैस की कमी का असर सीधे तौर पर लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है. कई जगहों पर बच्चे स्कूल जाने के बजाय सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं, वहीं अभिभावक अपनी नौकरी छोड़कर और मजदूर अपनी मजदूरी गंवाकर गैस लेने में लगे हुए हैं. छोटे व्यापारियों का भी कामकाज इस संकट से प्रभावित हो रहा है.
यह समस्या केवल एचपी गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के इंडेन गैस उपभोक्ताओं को भी इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के कई दिनों बाद भी समय पर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है. इधर, गैस की किल्लत के बीच कालाबाजारी भी शुरू हो चुकी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ जगहों पर निर्धारित कीमत से अधिक दर पर गैस सिलेंडर बेचे जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है. मजबूरी में लोग ऊंचे दाम पर सिलेंडर खरीदने को विवश हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं का असर अब छोटे शहरों तक भी पहुंचने लगा है. इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारू किया जाए, कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए और एजेंसियों की निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके.

