आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई विकास कार्य नहीं, बल्कि उनकी एक वायरल रील बनी है। मेयर साहब अपने चालक के साथ गाड़ी में बैठकर “पावर ना होला बाबु खाली झम्किलासे, राइफल के संग दुगो फोटो खिचाइलासे…” जैसे रंगदारी वाले गाने पर झूमते नजर आ रहे हैं।


रील में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि मेयर साहब और उनके चालक दोनों ने सीट बेल्ट तक नहीं लगाई थी। अब आम लोग और इनके पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ता सवाल उठा रहे हैं कि जो व्यक्ति शहर का “प्रथम नागरिक” कहलाता है, वही खुलेआम ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाता दिखे तो आम जनता को क्या संदेश जाएगा? बता दें कि ये वही संजय सरदार है जिन्हे भाजपा समर्थित उम्मीदवार बनाया गया था। शानदार जीत के बाद ये विकास को लेकर उतना गंभीर तो नहीं है लेकिन रायफल वाली रील पर ज़्यादा व्यस्त है।
सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि जनता ने उन्हें शहर को साफ-सुथरा, व्यवस्थित और आदर्श बनाने के लिए चुना था, लेकिन मेयर साहब “राइफल” और “रंगदारी” वाले गानों पर रील बनाने में ज्यादा व्यस्त दिख रहे हैं।
वहीं कई लोगों ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि कुछ ही देर पहले मेयर साहब अपने बड़े भाई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे और उसके तुरंत बाद इस तरह की रील सोशल मीडिया पर दिखाई दी। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों से संयम और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ट्रैफिक नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं? और क्या जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया पर “रंगदार” छवि दिखाने की इतनी जल्दी है कि वे अपनी गरिमा और जिम्मेदारियों को ही भूल जाएं? अब आगे देखना है की सरायकेला पुलिस इस वायरल रील पर मेयर साहेब का चालान काटती है या इन्हें इसी तरह ट्रैफिक नियमों की धज्जिया उड़ाने की छूट दे देती है

