महुआडांड़। ऑल इंडिया केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स संगठन के आह्वान पर मंगलवार रात 12 बजे से महुआडांड़ प्रखंड क्षेत्र की सभी मेडिकल दुकानें बंद रहीं, जिससे पूरे इलाके में इसका व्यापक असर देखने को मिला।


दवा दुकानों के बंद रहने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विशेषकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को आवश्यक दवाइयां नहीं मिल सकीं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं।
महुआडांड़ बाजार समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों की अधिकांश मेडिकल दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। कई लोग दवा खरीदने के लिए बाजार पहुंचे, लेकिन दुकानें बंद मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। वहीं कुछ मरीजों के परिजन जरूरी दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।
महुआडांड़ मेडिकल संघ के अध्यक्ष दामोदर प्रसाद ने बताया कि यह बंद केमिस्ट्स की चार प्रमुख मांगों को लेकर किया गया है। इनमें ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक, कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट बंद करना, नकली दवाओं पर सख्त कार्रवाई और नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़े कॉरपोरेट घरानों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट से छोटे दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही नकली एवं नशीली दवाओं की बिक्री का खतरा भी बढ़ रहा है, जो आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
संघ के अनुसार यह बंद एक दिन के लिए था और गुरुवार से महुआडांड़ क्षेत्र की सभी मेडिकल दुकानें पुनः सामान्य रूप से खुल जाएंगी।

