सोनारी में रूपा देवी की संदिग्ध मौत पर बवाल, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

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जमशेदपुर/सोनारी : सोनारी के मनबोध बस्ती निवासी रूपा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है और अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण वे लगातार इंसाफ के लिए भटक रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, रूपा देवी का विवाह वर्ष 2007 में अजय वर्मा के साथ हुआ था। मायके पक्ष के मुताबिक, शादी के कई वर्षों बाद भी दंपति को संतान नहीं हुई थी। ससुराल पक्ष में पति अजय वर्मा, ससुर बुधराम वर्मा, सास गौरी देवी, ननद पुष्पा देवी (पति – हारेश वर्मा), देवर शमी वर्मा और देवरानी चित्रा देवी शामिल हैं।

परिजनों के अनुसार, 20 अप्रैल की सुबह देवरानी चित्रा देवी ने फोन कर रूपा देवी की तबीयत खराब होने की सूचना दी। जब रूपा की मां क्वारी देवी और भाई ससुराल पहुंचे तो उन्होंने रूपा देवी को बिस्तर पर पड़ा पाया।

मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों ने घटना को आत्महत्या बताया, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस के आने से पहले शव को क्यों उतारा गया। इस पर कथित रूप से ससुराल पक्ष ने कहा कि उन्होंने खुद ही शव को नीचे उतार लिया था। इसी बात को लेकर परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है।

रूपा देवी की मां क्वारी देवी, भाई कृष्ण वर्मा और नर्सिंग वर्मा सहित अन्य परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पति अजय वर्मा समेत ससुराल पक्ष के सभी सदस्यों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।

परिवार की ओर से कई अन्य परिजनों ने भी प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं समाजसेवी गीता पांडेय ने भी पीड़ित परिवार का समर्थन करते हुए कहा कि वे रूपा देवी को इंसाफ दिलाने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएंगी।

परिजनों का कहना है कि वे लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासन से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग दोहराई है।