नालंदा में सड़क हादसों का खौफनाक आंकड़ा, हर दूसरे दिन एक जान जा रही, एनएच पर खड़े वाहन बने सबसे बड़ी वजह

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बिहारशरीफ : नालंदा जिले में सड़क हादसों की स्थिति बेहद चिंताजनक होती जा रही है। पिछले छह वर्षों (2020-2025) में जिले में 2,589 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 1,994 लोगों की मौत हो चुकी है। औसतन आंकड़ों के अनुसार यहां लगभग हर दूसरे दिन एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में जान चली जाती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एनएच-20, एनएच-82 और अन्य प्रमुख मार्गों पर रात के समय बिना रिफ्लेक्टर और लाइट के खड़े भारी वाहन दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं। अंधेरे में ट्रक और ट्रैक्टर जैसे वाहन स्पष्ट दिखाई नहीं देने से दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं और कई बार सीधे टक्कर के कारण गंभीर हादसे हो रहे हैं।

आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी, तेज रफ्तार और अव्यवस्थित पार्किंग हादसों को और बढ़ा रही है। प्रशासन की ओर से ब्लैक स्पॉट की पहचान और निगरानी के साथ सुधारात्मक कदम उठाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी समाधान के बिना स्थिति में सुधार मुश्किल है।