रांची/झारखंड: झारखंड के चर्चित विधायक Saryu Rai से जुड़े गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में जांच का दायरा और बढ़ सकता है। इस मामले में दस्तावेजों की तस्वीर लेने वाले कर्मचारी शंभू सिंह को भी आरोपी बनाने की मांग को लेकर एमपी-एमएलए विशेष अदालत में याचिका दाखिल की गई है।


दायर याचिका में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 319 के तहत शंभू सिंह को मामले में आरोपी के रूप में शामिल करने का अनुरोध किया गया है। हालांकि, इस याचिका पर सरयू राय की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 जून की तिथि निर्धारित की है।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि अब तक दर्ज गवाहियों में चार गवाहों ने शंभू सिंह को गोपनीय दस्तावेजों की तस्वीर लेते हुए देखने की बात कही है। इस मामले में जांच अधिकारी सहित कुल 12 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए जा चुके हैं। अभियोजन का दावा है कि गवाहों के बयानों के आधार पर शंभू सिंह की भूमिका की भी जांच आवश्यक है।
यह मामला मई 2022 में तब चर्चा में आया था, जब स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव की शिकायत पर रांची के डोरंडा थाना में सरयू राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि सरकारी गोपनीय दस्तावेज प्राप्त कर उन्हें सार्वजनिक किया गया। बाद में सरयू राय ने इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री Banna Gupta पर कोरोना काल में कोविड प्रोत्साहन राशि वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया था।
सरयू राय का दावा था कि नियमों को दरकिनार कर लगभग 60 लोगों को गलत तरीके से भुगतान किया गया। अब शंभू सिंह को आरोपी बनाने की मांग के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। 24 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

