पोटका: राष्ट्रपति के गृह जिले को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-220 (NH-220) का करीब चार किलोमीटर हिस्सा पहली बारिश के बाद ही जर्जर होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध जताया है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। सड़क की खराब स्थिति को लेकर पालीडीह के ग्रामीणों में नाराजगी है।


ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि इसका असर अब सड़क की स्थिति में साफ दिखाई दे रहा है और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और पूरे कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी उठाई गई है।
ग्रामीण सीताराम ने कहा कि इस सड़क के निर्माण के लिए लोगों को वर्षों तक आंदोलन करना पड़ा था। लंबे संघर्ष के बाद करीब चार किलोमीटर सड़क बनी, लेकिन आरोप है कि करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क 10 महीने भी नहीं टिक सकी।
ग्रामीणों ने सरकारी राशि के उचित उपयोग और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

