चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से प्रोजेक्ट परख-तैयारी उड़ान के तहत बीएड और डीएलएड प्रशिक्षुओं का चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। मांगीलाल रूंगटा प्लस टू उच्च विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना, विद्यार्थियों का शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर बनाना और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में प्रशिक्षुओं को प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है।


प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, परीक्षा की तैयारी की रणनीतियों और गतिविधि आधारित शिक्षण के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के तहत उन्हें प्रशिक्षण किट, डायरी, पेन, टी-शर्ट और पहचान पत्र भी उपलब्ध कराए गए। प्रशिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए मेंटल क्विज, माइंड गेम्स और पिक्चर परसेप्शन टेस्ट जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। उपायुक्त समेत अन्य अधिकारियों ने भी प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के तहत प्रत्येक प्रशिक्षु को आवंटित विद्यालय में जाकर कक्षाएं लेनी होंगी। उनके शिक्षण कार्य और प्रदर्शन का आकलन संबंधित विद्यालयों द्वारा स्कूल फीडबैक फॉर्म के माध्यम से किया जाएगा। इससे प्रशिक्षुओं की शिक्षण क्षमता और विद्यार्थियों के साथ उनके जुड़ाव का मूल्यांकन किया जा सकेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को सभी प्रशिक्षु दोबारा प्रशिक्षण स्थल पर एकत्रित होकर अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके बाद प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की जाएगी और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक अनुभव देकर विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी तैयारी को बेहतर बनाना है।

