उरीमारी (रामगढ़): सयाल स्थित केके पौड़ा पंचायत भवन में रविवार को ग्रामीणों की बैठक हुई। मुखिया रीता कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सीसीएल प्रबंधन की ओर से पौड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों को जगह खाली करने के लिए कहे जाने के मुद्दे पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि जब तक उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वे अपने घर और जमीन खाली नहीं करेंगे।


बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से पौड़ा क्षेत्र में अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं। उनकी आजीविका, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी इसी क्षेत्र से जुड़ी हुई है। ऐसे में अचानक जगह खाली करने की बात से प्रभावित परिवारों के सामने आवास और भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है।
ग्रामीणों ने मांग की कि सीसीएल प्रबंधन पहले सभी प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करे। उनका कहना था कि कोयला उत्पादन और कंपनी के विकास के नाम पर लंबे समय से बसे परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रबंधन से बातचीत कर समाधान निकालने और पुनर्वास की स्पष्ट योजना तैयार करने की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और बिना पुनर्वास के उन्हें हटाने का प्रयास हुआ, तो वे कंपनी का काम नहीं चलने देंगे।
बैठक में प्रेमचंद यादव, बिशुन कुमार, श्रीराम पांडेय, नरेंद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह, अखिलेश कुमार, रंजीत कुमार, निराशो देवी, निर्मला टुडू, सविता देवी, संध्या देवी, ललिता देवी और सुनीता देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।

