वाराणसी में असलहा तस्करों ने सिपाही को मारी गोली, चार घंटे में मुठभेड़ के बाद एक आरोपी गिरफ्तार

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वाराणसी: नरिया-सुंदरपुर मार्ग स्थित आशुतोष नगर कॉलोनी में शुक्रवार रात करीब नौ बजे कथित असलहा तस्करों ने लंका थाने के सिपाही अमित शुक्ला को गोली मार दी। सिपाही को दो गोलियां लगीं। एक गोली कोहनी के पास लगी, जबकि दूसरी पेट को छूते हुए निकल गई। गोली के कुछ टुकड़े पेट में फंसने की जानकारी है। घायल सिपाही को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना के करीब चार घंटे के भीतर मुठभेड़ में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आशुतोष नगर में कुछ लोग असलहों की सप्लाई करने वाले हैं। इसके बाद लंका थाने की क्राइम टीम के चार पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में मौके पर पहुंचे। टीम में 38 वर्षीय सिपाही अमित शुक्ला भी शामिल थे। अमित और उनके एक साथी ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया, तभी एक आरोपी ने सिपाही पर गोली चला दी। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शहर में नाकेबंदी और चेकिंग के निर्देश दिए। रात करीब 10:15 बजे लौटूबीर के पास पुलिस ने संदिग्धों को घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान आरोपियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के बाएं पैर में दो गोलियां लगीं और वह घायल होकर गिर पड़ा, जबकि दूसरा फरार हो गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान गड़वा घाट (रमना) निवासी 21 वर्षीय राज विश्वकर्मा के रूप में हुई है। उसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में उसने दूसरे आरोपी का नाम दशाश्वमेध निवासी अंजनी बताया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस आयुक्त के अनुसार, घायल सिपाही की हालत स्थिर है।

पुलिस का कहना है कि बिहार और मध्य प्रदेश से असलहे मंगाकर सप्लाई किए जाने के मामलों की जांच की जा रही है। इसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।