सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला (झारखंड) में स्वर्गीय सोना देवी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

Spread the love

 

सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला में स्वर्गीय सोना देवी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर एक गरिमामय एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त पदाधिकारीगण, संकाय अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र–छात्राएं उपस्थित रहे और श्रद्धा के साथ स्वर्गीय सोना देवी जी को नमन किया।

स्वर्गीय सोना देवी जी का संपूर्ण जीवन सादगी, सेवा, त्याग और समर्पण का अनुपम उदाहरण रहा है। शिक्षा के प्रति उनकी गहरी आस्था, सामाजिक चेतना और दूरदर्शी सोच ने ही सोना देवी विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। यह विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों, विचारों और समाज के प्रति दायित्वबोध का जीवंत प्रतीक है, जो आज भी उनके सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

कार्यक्रम की मंच संचालन सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने की। उन्होंने अपने  संबोधन में स्वर्गीय सोना देवी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व सरलता, करुणा और सेवा भाव से परिपूर्ण था। उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और इसी विश्वास के साथ उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा का सुदृढ़ आधार तैयार करने का सपना देखा, जिसे आज यह विश्वविद्यालय साकार कर रहा है।

इस अवसर पर कुलसचिव डॉ० नीत नयना ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासनिक पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा तथा छात्र–छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के लिए वे निरंतरता, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेंगी, ताकि छात्र–छात्राओं का भविष्य उज्ज्वल एवं सशक्त बन सके।

कुलपति प्रोफेसर डॉ० ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने अपने वक्तव्य में कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय स्वर्गीय सोना देवी जी के शिक्षा-दर्शन को व्यवहार में उतारने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह चरित्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के विकास की आधारशिला है। स्वर्गीय सोना देवी जी के आदर्श विश्वविद्यालय की प्रत्येक शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधि का मार्गदर्शन करते हैं।

सम्माननीय  कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने अपने संदेश में कहा कि इस पुण्य अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि स्वर्गीय सोना देवी जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विश्वास और सबका सकारात्मक योगदान विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक होगा। यही उनके प्रति हमारी सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने स्वर्गीय सोना देवी जी को शत-शत नमन करते हुए उनकी पावन स्मृतियों को अपने हृदय में सदा जीवित रखने का संकल्प लिया। अंत में सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थितजनों के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *