

न्यूजभारत20 डेस्क:- उच्च न्यायालय ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन की उस याचिका पर जवाब देने को कहा, जिसमें जांच पूरी होने में “देरी” का हवाला देते हुए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में डिफ़ॉल्ट जमानत की मांग की गई थी।अदालत ने तिहाड़ जेल से श्री जैन का नाममात्र का रोल भी मांगा और मामले को 9 जुलाई को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

श्री जैन पर कथित तौर पर उनसे जुड़ी चार कंपनियों के माध्यम से धन शोधन करने का आरोप है।उन्होंने निचली अदालत के 15 मई के आदेश को चुनौती दी है जिसके तहत उन्हें मामले में डिफ़ॉल्ट जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। श्री जैन ने दलील दी है कि ईडी वैधानिक अवधि के भीतर सभी मामलों में जांच पूरी करने में विफल रही और सीआरपीसी की धारा 167 (2) के प्रावधानों के तहत उन्हें डिफ़ॉल्ट जमानत के अधिकार से वंचित करने के लिए एक अधूरा आरोप पत्र दायर किया गया था।
ईडी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 2017 में उनके खिलाफ दर्ज की गई सीबीआई एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 30 मई, 2022 को श्री जैन को गिरफ्तार किया था।