

न्यूजभारत20 डेस्क:- 23 मई को बॉयलर फटने के बाद हुई तबाही का वर्णन करते हुए कर्मचारी ने कहा, “आसमान उड़ते हुए धातु के टुकड़ों और शीशों से भर गया था। यह पूरी तरह से तबाही थी।” यह ‘पांच सेकंड के लिए प्रलय था और सब कुछ खत्म हो गया था। इस तरह से अवदेश कुमार ने ठाणे फैक्ट्री विस्फोट को संक्षेप में प्रस्तुत किया जिसमें दस लोगों की जान चली गई और 60 से अधिक घायल हो गए। श्री कुमार उस रासायनिक फैक्ट्री में कर्मचारी थे जहां 23 मई को विस्फोट हुआ था।

धातु के टुकड़े और मलबा सभी दिशाओं में उड़ने के कारण मची अफरातफरी और घबराहट को याद करते हुए कुमार ने कहा, “इसमें केवल पांच सेकंड लगे और सब कुछ ‘प्रलय’ की तरह खत्म हो गया।” अपनी चोटों का इलाज कराने के बाद कुमार ने मीडिया से बात की।