जमशेदपुर/गम्हरिया:- आयुर्वेद के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ और ठगी का खेल उजागर होने के बाद आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने लोक आलोक न्यूज के खबर के आधार पर सख्त कार्रवाई की है। गम्हरिया में “झार आयुर्वेद” के नाम से संचालित तथाकथित आयुर्वेद क्लिनिक, जिसे लोक आलोक न्यूज़ ने 13 दिसंबर को प्रमुखता से उजागर किया था, उस पर 20 दिसंबर को विभाग ने आधिकारिक नोटिस जारी कर शटर डाउन करने का आदेश दे दिया है। और वर्तमान में संचालक समेत सभी कर्मचारी शटर डाउन कर के अंडरग्राउंड हो गए है। यह कार्रवाई उन गंभीर आरोपों के बाद सामने आई है, जिनमें बिना रजिस्ट्रेशन, बिना वैध लाइसेंस और नियमों को ताक पर रखकर इलाज और दवा बिक्री किए जाने का खुलासा हुआ था।


जांच और खबर में सामने आया था कि इस क्लिनिक में दी जा रही दवाओं पर न तो MRP अंकित थी, न एक्सपायरी डेट, न इंग्रेडिएंट्स की जानकारी और न ही मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स, जो सीधे तौर पर उपभोक्ता संरक्षण कानूनों और स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन है। बावजूद इसके मरीजों को इन दवाओं के सेवन के लिए मजबूर किया जा रहा था। क्लिनिक संचालक खुद को MD डिग्रीधारी बताते रहे, लेकिन उनकी योग्यता, डिग्री और पंजीकरण को लेकर कोई ठोस दस्तावेज सामने नहीं आ सका।
लोक आलोक न्यूज़ की पड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सरायकेला-खरसावां के निर्देश पर “झार आयुर्वेद” को बिना Clinical Establishment Act 2010 के निबंधन, बिना ड्रग/FSSAI लाइसेंस और अवैध चिकित्सा संचालन का दोषी मानते हुए क्लिनिक को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया गया। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि आदेश की अवहेलना करने पर FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और लोक आलोक न्यूज़ की भूमिका की सराहना करते हुए कहा है कि अगर समय रहते यह मामला सामने नहीं आता, तो आयुर्वेद के नाम पर चल रही यह मनमानी किसी बड़े स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती थी। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि गम्हरिया और आसपास ऐसे और कितने फर्जी क्लिनिक बिना डर के संचालित हो रहे हैं, जिन पर विभाग की नजर अभी तक नहीं पड़ी है। इसका खुलासा भी जल्द ही किया जाएगा।

