सरला बिरला विश्वविद्यालय के योगिक साइंसेज एवं नेचुरोपैथी विभाग तथा फाइन आर्ट्स विभाग द्वारा इंडियन नॉलेज सिस्टम सेंटर के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और रचनात्मकता के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।


कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति समाज की आधारशिला है और उनके योगदान के बिना किसी भी राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान योगिक साइंसेज एवं नेचुरोपैथी विभाग की ओर से महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग और प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व को बताया गया, वहीं फाइन आर्ट्स विभाग के विद्यार्थियों द्वारा कला के माध्यम से नारी शक्ति, समानता और सशक्तिकरण के संदेश को प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने के साथ हुआ। इस अवसर पर डीन प्रो. नीलिमा पाठक, डॉ. सुभानी बाड़ा, आशुतोष द्विवेदी, अजय कुकरेती, सुजीत सेनगुप्ता, स्पर्श उपाध्याय एवं अन्यान्य उपस्थित रहे।

