जमशेदपुर: कैरव अपहरणकांड में बड़ा मोड़, पुलिस–बदमाशों की मुठभेड़, दोनों ओर से फायरिंग, तीन आरोपी घायल, बिष्टुपुर थाना प्रभारी बाल-बाल बचे

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जमशेदपुर:- कैरव गांधी अपहरणकांड में गुरुवार देर रात जमशेदपुर पुलिस और अपहरणकर्ताओं के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। पुलिस की ओर से कुल 5 राउंड गोली चलाई गई, जिसमें 3 गोली आरोपियों को लगी, जबकि आरोपियों की ओर से भी पुलिस टीम पर कुल 6 राउंड फायरिंग किए जाने की पुष्टि हुई है।

इस मुठभेड़ में अपहरणकांड के मुख्य साजिशकर्ता गुड्डू सिंह समेत तीन आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। घायलों में गुड्डू सिंह, इमरान आलम और रमीज रजा शामिल हैं। तीनों को पैर में गोली लगी है और उन्हें इलाज के लिए तत्काल टाटा मेन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना की जानकारी देते हुए सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि पुलिस टीम तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि शहर छोड़ने से पहले उन्होंने सोनारी स्थित साईं मंदिर के पास झाड़ियों में हथियार छिपाकर रखे हैं। इसी सूचना पर पुलिस देर रात हथियार बरामदगी के लिए तीनों आरोपियों को लेकर मौके पर पहुंची।

हथियार बरामदगी के दौरान अचानक स्थिति बेकाबू हो गई।

पुलिस के अनुसार, मौके पर मुख्य साजिशकर्ता गुड्डू सिंह ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे के बॉडीगार्ड से कार्बाइन छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि इस दौरान बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बच गए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की कार्रवाई में तीनों आरोपी घायल हो गए। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से खोखे बरामद किए गए हैं।

सिटी एसपी ने बताया कि घायलों का इलाज चल रहा है और चिकित्सकीय निगरानी में उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी। पुलिस का दावा है कि इस मुठभेड़ के बाद कैरव अपहरणकांड से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस शहर में पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

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