झारखंड को भारत के उभरते स्टार्टअप राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाने के उद्देश्य से आयोजित ‘झारखंड से भारत’ संवाद 7 फरवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस उच्चस्तरीय संवाद में देशभर से आए स्टार्टअप संस्थापक, निवेशक, नीति विशेषज्ञ, कॉरपोरेट प्रतिनिधि, शिक्षाविद एवं इकोसिस्टम बिल्डर्स ने भाग लिया।


इस संवाद का आयोजन नवाचार अनुसंधान ऊष्मायन एवं नवप्रवर्तन परिषद (एन.आर.आई.आई.सी.) द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व संस्था के संस्थापक निदेशक अमर नाथ सिंह एवं कार्तिक चौधरी ने किया। दोनों ने कहा कि “झारखंड में प्रतिभा और विचारों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल भरोसेमंद सिस्टम, निरंतर मेंटरशिप और पूंजी तक पहुंच की।”
संवाद में उभरे प्रमुख विचार
संवाद के दौरान वक्ताओं ने झारखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम की वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं पर खुलकर विचार रखे।
आदित्य अरोड़ा ने कहा कि झारखंड में नवाचार मौजूद है, लेकिन इकोसिस्टम सक्षम नहीं है। सीरीज़-बी के बाद स्टार्टअप्स को संरचित नीतिगत और सरकारी सहयोग की आवश्यकता है।
श्वेता सक्सेना ने बताया कि स्थानीय सपोर्ट सिस्टम कमजोर होने के कारण कई संस्थापक राज्य से बाहर पलायन कर जाते हैं। फंडिंग में देरी और संवाद की कमी बड़ी समस्या है।
मनजीत साहू ने झारखंड में आइडिया, संस्थान, बाजार और पूंजी को जोड़ने वाली मजबूत वैल्यू चेन बनाने पर जोर दिया।
सौरभ जैन ने कहा कि पूर्वी भारत को लेकर निवेशकों में धारणा की समस्या है, जिसे बड़े इनक्यूबेशन प्रोग्राम और मजबूत मेंटर नेटवर्क से बदला जा सकता है।
शिवांगी जैन का सशक्त वक्तव्य
शिवांगी जैन ने कहा कि झारखंड में स्टार्टअप्स के लिए न तो कोई समर्पित डैशबोर्ड है और न ही स्पष्ट पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट। स्टार्टअप इंडिया के पास उपलब्ध आंकड़े भी वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं दर्शाते। बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी भारी कमी है।
उन्होंने बताया कि वे पिछले वर्ष तक स्टार्टअप इंडिया, डीपीआईआईटी में वरिष्ठ एवीपी के पद पर कार्यरत थीं और अब एन.आर.आई.आई.सी. के साथ मिलकर झारखंड में एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम खड़ा करने में पूरा सहयोग करेंगी।
संवाद में की गई प्रमुख घोषणाएं (एन.आर.आई.आई.सी.)
संवाद के दौरान ‘थर्ड वर्ल्ड एंजल’ नेटवर्क की शुरुआत की घोषणा की गई, जिसके माध्यम से भारत के सभी हिस्सों के स्टार्टअप्स को फंडिंग प्रदान की जाएगी। इस नेटवर्क में विशेष रूप से झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े निवेशक और उद्यमी शामिल रहेंगे।
इसके साथ ही यह भी घोषणा की गई कि—
1 मार्च को जमशेदपुर में एक बड़े डेमो डे का आयोजन किया जाएगा,
इसी दिन ‘नविष्कार 2026’ का औपचारिक शुभारंभ होगा,
तथा ‘झारखंड से भारत’ श्रृंखला का अगला संवाद जून माह में बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा।
व्यक्तिगत प्रतिबद्धताएं और सहयोग की घोषणाएं
रजनी कांत सिन्हा (संस्थापक एवं सीईओ, सर्विज़) ने अपने शहर और राज्य के एक स्टार्टअप को फंडिंग, मेंटरिंग और मार्केट एक्सेस सहित हरसंभव सहयोग एन.आर.आई.आई.सी. के माध्यम से देने की घोषणा की।
शिखा सुमन (प्रमुख – रणनीतिक साझेदारी, क्योरबे) ने झारखंड के 3 स्टार्टअप्स को मेंटर करने और गो-टू-मार्केट रणनीति में सहयोग देने का वादा किया।
आदित्य अरोड़ा (सीईओ, फाड़ कैपिटल) ने 5 स्टार्टअप्स को फंडिंग देने की घोषणा की।
अमित कुमार (सीईओ, ड्रॉप्टी) ने गंभीर और संभावनाशील स्टार्टअप्स को हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
सौरभ जैन (एडवाइजर/संस्थापक) ने विशेष रूप से फंडिंग सहयोग में स्टार्टअप्स का समर्थन करने की बात कही।
संवाद में उपस्थित प्रमुख हस्तियां
इस संवाद में देशभर से आए कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से—
संतोष शर्मा (सीईओ, बुक माय जेट), अरुणाभ सिन्हा (संस्थापक, यूक्लीन), अंशुल कुमार (हेड – रिटेल सेल्स, गूगल डिवाइसेज़ एंड सर्विसेज़), सतीश मिश्रा (वरिष्ठ प्रबंधक, ग्रीन सेल मोबिलिटी), राजीव कुमार (संस्थापक, होगाही.कॉम), कुणाल दिव्यांशु (संस्थापक, व्हाइट ग्लव्स), नेहा भारती (सीईओ, स्वधा एग्री), क्षितिज आनंद (सह-संस्थापक एवं सीईओ, करेकेबा वेंचर्स/हैप्पी होराइज़न्स), अमित कुमार (सीईओ, ड्रॉप्टी), डॉ. सौरभ त्रिवेदी (एसोसिएट प्रोफेसर एवं सीईओ, इन्क्यूबेशन सेंटर – आईआईएलएम यूनिवर्सिटी), श्वेता सक्सेना (सूनिकॉर्न वेंचर्स), सौरभ जैन (संस्थापक, फन2डू लैब्स), अजय सिंह राजावत (वरिष्ठ प्रबंधक, भाषिणी – MeitY, भारत सरकार), शिवांगी जैन (पूर्व वरिष्ठ एवीपी, स्टार्टअप इंडिया), विजय वीर सिंह (सीओओ, रनवे इन्क्यूबेटर, यूपीईएस), आरुष धवन (संस्थापक, सर्विज़), प्रियंम के. (संस्थापक एवं विधिक सलाहकार, प्रोपेल लीगल), हिमांशी अग्रवाल (सहायक प्रोफेसर, एसआरसीसी, दिल्ली विश्वविद्यालय), आजम खान (सीईओ, टाइड्स – आईआईटी रुड़की), शुभम मिश्रा (वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक, उरूका ग्लोबल), मनजीत साहू (निदेशक, एल1 हेल्थकेयर), धीरज त्रिपाठी (सीबीओ, रोज़मार्टा), सागर (संस्थापक, दिल्ली एंजल्स डेन) एवं सत्यप्रकाश (संस्थापक, झारखंड एसोसिएशन) शामिल रहे।
समापन
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी निवेशकों, मेंटर्स और उद्योग प्रतिनिधियों ने झारखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए निरंतर सहयोग और दीर्घकालिक समर्थन का आश्वासन दिया।
‘झारखंड से भारत’ अब केवल एक संवाद नहीं, बल्कि झारखंड को भारत की नवाचार अर्थव्यवस्था से जोड़ने वाला एक सशक्त राष्ट्रीय आंदोलन बनता जा रहा है।

