आज नाम वापस लेने के दिन मेयर पद के लिए दोनों गठबंधन में बड़ा समझौता हुआ है. एक ओर भाजपा समर्थित प्रभाषिणी कालूंडिया ने नाम वापस ले लिया है और संजय सरदार को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी है तो दूसरी ओर झामुमो में भी पार्टी समर्थित प्रत्याशी डब्बा सोरेन को समर्थन देते हुए शकुंतला महाली ने अपना नाम वापस ले लिया है. बता दें कि आदित्यपुर नगर निगम चुनाव में नामांकन तक किसी भी गठबंधन में तालमेल का अभाव दिखा था. उधर राजद और कांग्रेस से भी मेयर प्रत्याशी अब तक डटे हुए हैं. राजद से सकला मार्डी और कांग्रेस से रमेश बलमुचू मैदान में हैं. इस नाटकीय घटना क्रम के बाद भाजपा ने मेयर पद के लिए संजय सरदार को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. पार्टी की समर्थित प्रत्याशी प्रभासिनी कालुंडिया ने संजय के समर्थन में नामांकन वापस लिया. उन्होंने यह फैसला भाजपा की आपातकालीन बैठक में लिया है. जिससे नगर निगम चुनाव की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. अब भाजपा ने मेयर पद के लिए एसटी मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय सरदार को अपना समर्थित उम्मीदवार घोषित किया है. शुक्रवार को आदित्यपुर में आयोजित एक आपातकालीन बैठक में यह निर्णय लिया गया है. बैठक में भाजपा के प्रभारी राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा मौजूद थे. बैठक के बाद यह जानकारी दी गई कि प्रभासिनी कालुंडिया ने पार्टी के निर्णय का सम्मान करते हुए संजय सरदार के समर्थन में नामांकन वापस ले लिया है.


अचानक लिए गए इस फैसले से आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. भाजपा के इस कदम को चुनावी रणनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. बैठक में पूर्व मेयर विनोद श्रीवास्तव, शैलेंद्र सिंह सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी उपस्थित थे. भाजपा के इस अप्रत्याशित फैसले से नगर निगम चुनाव का मुकाबला और रोचक होने की संभावना जताई जा रही है.

