न्यूजभारत20 डेस्क:- हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर मनोज कुमार का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। मनोज कुमार लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उन्होंने मुंबई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज मुंबई में किया जाएगा। मनोज कुमार अपने देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्मों के लिए जाने जाते थे। ‘शहीद’, ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘क्रांति’ और ‘रोटी कपड़ा और मकान’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने भारतीय सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई। उनके अभिनय और निर्देशन में बनी फिल्मों ने दर्शकों के दिलों में देशभक्ति की भावना जाग्रत की।

उनका असली नाम हरिकिशन गिरी गोस्वामी था, लेकिन फिल्मी दुनिया में उन्हें मनोज कुमार के नाम से पहचान मिली। 1960 के दशक में उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और जल्द ही अपनी शानदार अभिनय शैली से दर्शकों के दिलों पर राज करने लगे। 1965 में आई फिल्म ‘शहीद’ में भगत सिंह की भूमिका निभाने के बाद वे देशभक्ति फिल्मों के प्रतीक बन गए। 1967 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘उपकार’ को तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के “जय जवान, जय किसान” के नारे से प्रेरित होकर बनाया गया था, जिसने जबरदस्त सफलता हासिल की। मनोज कुमार को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। उन्हें 1992 में ‘पद्मश्री’ और 2015 में ‘दादा साहेब फाल्के पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
मनोज कुमार के निधन पर फिल्मी जगत की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। अभिनेता अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी, अक्षय कुमार, अजय देवगन समेत कई सितारों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। उनकी फिल्मों ने पीढ़ियों तक दर्शकों को प्रेरित किया और उनका योगदान भारतीय सिनेमा में हमेशा अमर रहेगा। देशभक्ति और सामाजिक मुद्दों पर बनी उनकी फिल्मों को आज भी लोग पसंद करते हैं। उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी फिल्में और योगदान हमेशा अमर रहेंगे।