

न्यूजभारत20 डेस्क/जमशेदपुर:- जमशेदपुर में शनिवार देर रात मुठभेड़ में मारा गया शूटर अनुज कनौजिया मुख्तार अंसारी गैंग के लिए नए युवकों की भर्ती करता था। उसकी पत्नी रीना राय भी गैंगस्टर है। रीना को 5 मार्च 2023 को यूपी एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने जमशेदपुर के बारीगोड़ा से गिरफ्तार किया था। वह जेल जा चुकी है। शादी के बाद रीना ने पति अनुज के अवैध कारोबार को संभाल लिया।

अनुज की शादी की कहानी भी फिल्मों जैसी है। दुल्लालपुरवा की लड़की रीना राय की मुलाकात किसी तरह अनुज से हुई। रीना को कोई परेशान कर रहा था। रीना ने उससे पीछा छुड़ाने के लिए मदद मांगी। अनुज ने लड़के को बुलाकर समझाया, लेकिन वह नहीं माना। अनुज ने उसे सुधरने के लिए 15 दिन का वक्त भी दिया। जब लड़का फिर भी नहीं माना तो उसकी दुकान पर जाकर उसे गोली मार दी। इसके बाद रीना अनुज को पसंद करने लगी। दूसरे समाज से होने के बावजूद उसने अपने परिवार की मर्जी के बिना अनुज से शादी कर ली। दोनों की शादी पुलिस अभिरक्षा में हुई। अनुज के जेल जाने के बाद रीना उसका काम देख रही थी। मार्च 2023 में पुलिस ने रंगदारी के एक मामले में रीना को झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया।
दो दिन पहले अनुज की पत्नी अपने ससुराल आई थी
गैंगस्टर अनुज कन्नौजिया की पत्नी रीना राय दो दिन पहले बहलोलपुर स्थित अपने ससुराल आई थी। बताया जाता है कि वह दो दिन तक रुकी थी। इसको लेकर पुलिस भी सक्रिय हो गई थी। अनुज का घर चिरैयाकोट के बहलोलपुर में है। उसकी शादी रीना राय से हुई थी। दो बच्चे हैं। ग्रामीणों के अनुसार रीना दो दिन पहले अयोध्या में दर्शन पूजन करने के बाद ससुराल में रुकी थी।
भाई की हत्या के बाद बना अपराधी
मुख्तार के शार्पशूटर अनुज पर भी गाजीपुर में तीन मुकदमे दर्ज थे। उसके पिता हनुमान कन्नौजिया सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। अनुज तीन भाइयों विनोद और मनोज में सबसे छोटा था। 2006 में पट्टीदारों से झगड़ा हुआ था। झगड़ा हुआ तो वे मनोज के पीछे पड़ गए। एक दिन मनोज को पीटकर अधमरी हालत में खेत में फेंक दिया। मनोज ने बदला लेने के लिए विरोधी परिवार के एक सदस्य की हत्या कर दी और फरार हो गया। कुछ साल फरार रहा। पुलिस ने मनोज को पकड़कर एनकाउंटर कर दिया। मनोज के एनकाउंटर के बाद विरोधी अनुज के पीछे पड़ गए। अनुज ने शरद सिंह की हत्या कर दी और फरार हो गया। तब उसकी उम्र महज 17 साल थी।
वह यूपी से भागकर वर्ष 2023 में जमशेदपुर आया और यहां मकान लेकर रहने लगा। मेरी पत्नी भी बच्चों के साथ रहती थी। रीना के पकड़े जाने के बाद वह जमशेदपुर छोड़कर चला गया। फिर वह वर्ष 2024 के जुलाई महीने में आया और पहले गदरा और फिर गोविंदपुर में रहने लगा।
टाटा मोटर्स का कर्मचारी भी पकड़ा गया था: उस समय छापेमारी में रीना के साथ शिवरतन रजक भी पकड़ा गया था। शिवरतन टाटा मोटर्स का छब्बीस वर्षीय कर्मचारी है, जो रीना का दूर का चचेरा भाई है। शिवरतन के जरिए ही उसने बारीगोड़ा में शरण ली थी।