

न्यूजभारत20 डेस्क:- कांग्रेस नेता राहुल गांधी को वीर सावरकर पर की गई कथित टिप्पणी के चलते लखनऊ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। वीर सावरकर की छवि को धूमिल करने के आरोप में दर्ज मानहानि मामले में राहुल गांधी द्वारा दायर याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यह मामला राहुल गांधी द्वारा एक जनसभा या सार्वजनिक मंच से दिए गए उस बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर कई हिंदुत्व समर्थक और सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया था और राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था।

राहुल गांधी ने इस मामले में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने आज सुनवाई के दौरान इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया उनके बयान में अपमानजनक तत्व मौजूद हैं और यह मामला न्यायिक जांच के योग्य है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्तियों को अपने बयानों में संयम बरतना चाहिए, विशेषकर जब वह बयान देश के प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जुड़ा हो। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। भाजपा और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा है कि यह फैसला देश के महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के सम्मान की जीत है।
वहीं, कांग्रेस पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पार्टी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर विचार कर रही है। राहुल गांधी पूर्व में भी कई बार वीर सावरकर पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने अपने भाषणों में दावा किया था कि सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी और वह हिंदुत्व की विचारधारा के प्रतीक थे, जिसे कांग्रेस नहीं मानती। इन बयानों को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी इस मामले में अगला कदम क्या उठाते हैं और कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध मानती है या कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा।