नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में ” एआई के युग में पत्रकारिता का भविष्य” पर संगोष्ठी

Spread the love

जमशेदपुर :-  नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की ओर से “पत्रकारिता 2025 : एआई के युग में पत्रकारिता का भविष्य” विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों के संपादकों ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और अवसरों पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में प्रतिष्ठित वक्ताओं के रूप में शामिल थे—श्री गणेश मेहता, संपादक हिंदुस्तान; श्री जयप्रकाश, संपादक चमकता आईना; श्री यू.एन. पाठक, संपादक दैनिक जागरण और श्री भवानंद झा, संपादक दैनिक भास्कर। संपादकों ने एआई तकनीक के युग में पत्रकारिता के नैतिक, तकनीकी और मानवीय आयामों पर गहन चर्चा की।

हिंदुस्तान के संपादक श्री गणेश मेहता ने कहा कि एआई समाचार एकत्र करने और प्रसारित करने की प्रक्रिया को तेज़ बना रहा है, लेकिन तकनीक को नैतिक पत्रकारिता का विकल्प नहीं बल्कि सहायक साधन बनना चाहिए। चमकता आईना के संपादक श्री जयप्रकाश ने मानव संवेदनशीलता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि भविष्य उन्हीं पत्रकारों का होगा जो तकनीक को मानवीय मूल्यों के साथ जोड़ पाएँगे। दैनिक जागरण के संपादक श्री यू.एन. पाठक ने एआई युग में फेक न्यूज़ और डीपफेक जैसी चुनौतियों को गंभीर बताते हुए कहा कि पत्रकारों को विश्वसनीयता और सटीकता सुनिश्चित करने में पहले से अधिक सतर्क रहना होगा। दैनिक भास्कर के संपादक श्री भवानंद झा ने कहा कि एआई को लोकतंत्र की मजबूती में सहायक होना चाहिए, पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे नैतिकता से कोई समझौता न करें।

संगोष्ठी में इंटरैक्टिव सत्र भी हुआ, जिसमें छात्रों ने फेक न्यूज़ की पहचान, पारंपरिक पत्रकारिता की प्रासंगिकता, डिजिटल युग की चुनौतियाँ और भविष्य के लिए आवश्यक कौशल जैसे विषयों पर सवाल पूछे। चर्चा के मुख्य विषय थे—न्यूज़रूम में एआई उपकरण, समाचार की विश्वसनीयता का भविष्य, स्वचालित पत्रकारिता में नैतिक दुविधाएँ और भविष्य के पत्रकारों के लिए ज़रूरी कौशल।

कार्यक्रम का संचालन पत्रकारिता विभाग की विभागाध्यक्ष दीपिका कुमारी ने किया। उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि विभाग का लक्ष्य छात्रों को बदलते मीडिया उद्योग की चुनौतियों से अवगत कराना और उन्हें भविष्य की पत्रकारिता के लिए तैयार करना है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. पी.के. पाणि, कुलसचिव नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोईज़ अशरफ़, प्रशासनिक अधिष्ठाता प्रो. नाजिम खान समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *