कोल्हान के एकमात्र ईएसआईसी अस्पताल में गंदे पानी की घुसपैठ, मरीजों पर संक्रमण का गंभीर खतरा

Spread the love

 

जमशेदपुर | कोल्हान प्रमंडल का इकलौता कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल, जो सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में स्थित है, इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। अस्पताल के मुख्य गेट के पास बस्ती का गंदा पानी लगातार परिसर में घुस रहा है, जिससे मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा तेजी से बढ़ गया है।

नाली की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी अस्पताल के प्रवेश द्वार और आसपास जमा हो रहा है। इससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सड़क पर बढ़ते अतिक्रमण (एन्क्रोचमेंट) के कारण एंबुलेंस और मरीजों के वाहनों की आवाजाही भी बाधित हो रही है। कई बार आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में कठिनाई होती है।

नाली की समस्या को लेकर अप्रैल महीने से अब तक नगर निगम में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बार-बार पत्राचार के बावजूद न तो नाली की सफाई कराई गई और न ही स्थायी समाधान की दिशा में कोई कदम उठाया गया।

स्थानीय लोगों और अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि फिलहाल सड़क निर्माण का कार्य तो किया जा रहा है, लेकिन नाली का निर्माण अधूरा है। ऐसे में सड़क बन जाने के बाद भी जलजमाव की समस्या बनी रहेगी और गंदा पानी दोबारा अस्पताल परिसर में घुसने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस संबंध में ईएसआईसी अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रद्युम्न कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य गेट के पास बस्ती का गंदा पानी अस्पताल में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि नाली और अतिक्रमण की समस्या को लेकर अप्रैल से अब तक कई बार संबंधित विभागों को शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो मरीजों और अस्पताल कर्मियों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।

गौरतलब है कि यह अस्पताल पूरे कोल्हान प्रमंडल के ईएसआईसी लाभार्थियों के लिए एकमात्र प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, ऐसे में यहां की बदहाल व्यवस्था हजारों श्रमिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव डाल रही है। अस्पताल प्रशासन ने जिला प्रशासन और आदित्यपुर नगर निगम से नाली निर्माण पूरा कराने, अतिक्रमण हटाने और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *