जमशेदपुर:- गोपाल मैदान, बिष्टुपुर में चल रहे स्वदेशी मेला में इस बार कुछ खास नजर आ रहा है। यहां लगा सोना देवी यूनिवर्सिटी का स्टॉल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। आकर्षक सजावट, जानकारी से भरपूर काउंसलिंग और नए कोर्सेज की झलक ने छात्रों और अभिभावकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।


यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि ऋषिका ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सोना देवी यूनिवर्सिटी सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कार और करियर दोनों का संगम है। उन्होंने कहा, “हर मां-बाप का सपना होता है कि उनका बच्चा ऊंचाइयों को छुए। हम उस सपने को साकार करने के लिए समर्पित हैं।”
विश्वविद्यालय झारखंड सरकार, यूजीसी और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त है। यहां शिक्षा का वातावरण आधुनिक तकनीक और भारतीय मूल्यों का सुंदर मिश्रण पेश करता है।
ऋषिका ने बताया कि विश्वविद्यालय में 10वीं के बाद डिप्लोमा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है। बी.कॉम, बी.बी.ए., एम.बी.ए., बी.टेक, बी.फार्मा, डी.फार्मा और पीएचडी जैसे कोर्स छात्रों में सबसे अधिक लोकप्रिय हैं।
विशेष बात यह है कि यहां पढ़ने वाले एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्र सरकार की ई-कल्याण योजना का लाभ भी उठा सकते हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलती है।
विश्वविद्यालय का कैंपस घाटशिला क्षेत्र में स्थित है, जो नेशनल हाईवे से वॉकिंग डिस्टेंस पर है। कैंपस तक पहुंचने के लिए सुरक्षित बस सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे दूर-दराज़ के छात्र-छात्राएं आसानी से आवागमन कर सकें।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, यहां का मॉडर्न कैंपस, स्मार्ट क्लासरूम, अनुभवी फैकल्टी और सुरक्षित हॉस्टल सोना देवी यूनिवर्सिटी को झारखंड के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक बनाता है।
सत्र 2025 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र स्वदेशी मेला, गोपाल मैदान स्थित स्टॉल पर या विश्वविद्यालय के कैंपस व वेबसाइट के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


