Saraikela : देश की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. टाटा कमिंस प्राइवेट लिमिटेड ने भारत का पहला हाइड्रोजन आधारित आंतरिक दहन इंजन (Hydrogen Internal Combustion Engine) विकसित कर लिया है. यह उपलब्धि टाटा मोटर्स और अमेरिका की दिग्गज इंजन निर्माता कंपनी कमिंस के संयुक्त प्रयास से संभव हुई है. जिसे भारत के ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. कंपनी द्वारा तैयार किया गया यह इंजन बी6.7एच (B6.7H) श्रेणी का है. हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित यह इंजन भविष्य के पर्यावरण अनुकूल और शून्य कार्बन उत्सर्जन वाले वाहनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ाने में मदद करेगी.


टाटा कमिंस प्राइवेट लिमिटेड के जमशेदपुर संयंत्र में वर्तमान में प्रतिदिन 400 से अधिक इंजन तैयार किए जा रहे हैं. हाइड्रोजन इंजन के उत्पादन की शुरुआत के साथ ही जमशेदपुर धीरे-धीरे देश के एक प्रमुख ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभर रहा है. इससे न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
कंपनी अधिकारियों के अनुसार, हाइड्रोजन इंजन तकनीक भारी वाहनों, बसों, ट्रकों और औद्योगिक उपयोग के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है. यह पहल भारत सरकार के नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य और हरित ऊर्जा मिशन के अनुरूप है.
जमशेदपुर में बने इस पहले हाइड्रोजन इंजन के साथ टाटा कमिंस ने न सिर्फ तकनीकी क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर ग्रीन मोबिलिटी के नक्शे पर मजबूती से खड़ा करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम बढ़ाया है.

