

न्यूजभारत20 डेस्क:- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में लगातार बढ़ती जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में ममता बनर्जी की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यदि जांच में ठोस साक्ष्य सामने आते हैं, तो ममता बनर्जी देश की दूसरी ऐसी मुख्यमंत्री बन सकती हैं, जिन्हें अपने कार्यकाल के दौरान जेल जाना पड़ सकता है। बंगाल में हाल के वर्षों में हुए शिक्षक नियुक्ति घोटाले ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है। आरोप है कि शिक्षा विभाग में हजारों पदों पर हुई नियुक्तियों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। कई उम्मीदवारों ने यह आरोप लगाया कि उनसे पैसे लेकर नौकरी दी गई, जबकि योग्य अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया।

इस घोटाले में कई वरिष्ठ अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के नाम प्रमुख हैं। अर्पिता के घर से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद होने के बाद ईडी और सीबीआई ने मामले की तह तक जाने का संकेत दिया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि इतनी बड़ी स्तर पर भ्रष्टाचार बिना राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि मामले में ममता बनर्जी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक ममता बनर्जी को आधिकारिक रूप से आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन ईडी और सीबीआई उनके कार्यालय से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रहे हैं।भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “अब समय आ गया है कि ममता बनर्जी भी जवाब दें। अगर वह दोषी हैं, तो उन्हें भी कानून का सामना करना चाहिए।”
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। पार्टी प्रवक्ता का कहना है कि केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है ताकि बंगाल सरकार को बदनाम किया जा सके। अगर ममता बनर्जी को गिरफ्तार किया जाता है और उन्हें जेल भेजा जाता है, तो वह देश की दूसरी मुख्यमंत्री होंगी, जिन्हें कार्यकाल के दौरान जेल जाना पड़ेगा। इससे पहले तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल जाना पड़ा था। मामले की जांच तेजी से चल रही है। आने वाले हफ्तों में ममता बनर्जी से पूछताछ या किसी कानूनी कदम की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि एजेंसियों के पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आ सकता है।