

न्यूजभारत20 डेस्क:- केंद्र सरकार ने अंगदान (Organ Donation) को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब सरकारी कर्मचारी अगर अंगदान करते हैं, तो उन्हें 42 दिन की विशेष छुट्टी मिलेगी। इस बात की जानकारी लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि अंगदान करने वाले सरकारी कर्मचारियों को 42 दिन की विशेष छुट्टी देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा,”अंगदान एक महान कार्य है, और इससे लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अंगदान करने वाले सरकारी कर्मचारियों को 42 दिनों की विशेष छुट्टी दी जाएगी, ताकि वे पूरी तरह से ठीक हो सकें।”

सरकारी कर्मचारी यदि कोई अंग दान करते हैं, तो उन्हें 42 दिनों की विशेष मेडिकल लीव दी जाएगी। यह अवकाश अंगदान के बाद रिकवरी के लिए होगा, ताकि कर्मचारी पूरी तरह स्वस्थ होकर काम पर लौट सकें। यह सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होगा, जबकि राज्य सरकारें इस फैसले को अपनाने पर विचार कर सकती हैं। भारत में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अंगदान को प्रोत्साहन मिलेगा और अधिक लोग इसे अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। भारत में अंग प्रत्यारोपण के लिए दान किए जाने वाले अंगों की भारी कमी है। हर साल हजारों मरीज गुर्दा, लीवर, हृदय और अन्य अंगों के प्रत्यारोपण के इंतजार में अपनी जान गंवा देते हैं। सरकार की इस नीति से सरकारी कर्मचारियों में अंगदान को लेकर सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अंगदान के बाद रिकवरी के लिए पर्याप्त समय देना बेहद जरूरी है। 42 दिन की छुट्टी से डोनर को पर्याप्त आराम और देखभाल मिलेगी, जिससे वे बिना किसी आर्थिक या मानसिक दबाव के इस नेक काम में हिस्सा ले सकते हैं। सरकार इस फैसले को लागू करने के लिए जल्द ही दिशानिर्देश जारी करेगी। उम्मीद है कि इस पहल से अंगदान को बढ़ावा मिलेगा और जरूरतमंद मरीजों को जीवन बचाने के लिए जरूरी अंग मिल सकेंगे।