शिक्षायतन केरा में विद्यालय के विकास एवं गांव में शैक्षणिक वातावरण को दृढ़ करने के उद्देश्य से दिनांक 6 फरवरी 2026 को प्रबुद्ध जनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा गांव स्तर पर शिक्षा के प्रति जागरूकता को सशक्त करना रहा।


बैठक में मानव संसाधन विकास संस्थान, चाईबासा के सचिव एवं शिक्षाविद प्रोफेसर रणजीत प्रसाद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास संस्थान शिक्षा, सामाजिक चेतना एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सतत कार्य कर रहा है तथा गांव आधारित विद्यालयों को अकादमिक एवं वैचारिक सहयोग देना संस्थान की प्राथमिकता है।
बैठक में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक किशोर प्रसाद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति बच्चों के समग्र विकास, मातृभाषा आधारित प्रारंभिक शिक्षा, कौशल विकास एवं मूल्यपरक शिक्षा को केंद्र में रखती है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
इसके अतिरिक्त बैठक में दशरथ प्रधान, कामख्या साह, प्रमोद महापात्र एवं परेश मंडल की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने शिक्षायतन केरा द्वारा बच्चों में अनुशासन, संस्कार एवं शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करने के प्रयासों की सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षायतन विद्यालय गांव में केवल शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि शैक्षणिक एवं नैतिक वातावरण को सुदृढ़ करने का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि विद्यालय, अभिभावक और समाज के संयुक्त प्रयास से गांव में शिक्षा को नई दिशा दी जाएगी

