नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में वेतन अधिक भुगतान मामले में वसूली की कार्रवाई अधूरी, लंबित फाइल बनी वजह

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रांची: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में वेतन के अधिक भुगतान से जुड़ी अनियमितता के मामले में वसूली आदेश जारी होने के बावजूद कार्रवाई अब तक पूरी नहीं हो सकी है। जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार कर्मियों से अतिरिक्त भुगतान की गई राशि वापस लेने का आदेश दिया था, लेकिन संबंधित फाइल लंबित रहने के कारण वसूली प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।

जानकारी के अनुसार, जांच में पाया गया था कि कुछ कर्मियों को निर्धारित मानकों से अधिक वेतन का भुगतान किया गया था। इस मामले में सहायक संजय कुमार सिंह, रवि मुखर्जी और संतोष कुमार समेत चार कर्मियों के नाम सामने आए थे। इनमें से सेवानिवृत्त हो चुके संतोष कुमार से सेवानिवृत्ति लाभ से अतिरिक्त राशि की वसूली कर ली गई है, जबकि अन्य तीन कर्मियों से अब तक राशि की वसूली नहीं हो पाई है।

लंबित फाइल के कारण रुकी कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, वसूली आदेश से संबंधित फाइल लंबे समय से लंबित है, जिसके कारण आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस स्थिति को लेकर विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

इसी बीच विश्वविद्यालय के सहायक संजय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय सिंडिकेट ने उन्हें विश्वविद्यालय मुख्यालय से उनके मूल पदस्थापन स्थल भेजने का निर्णय लिया था। सिंडिकेट के फैसले के आधार पर 15 मई 2025 को विश्वविद्यालय प्रशासन ने संजय कुमार सिंह समेत अन्य कर्मियों को मूल पद पर भेजने का आदेश जारी किया था।

हालांकि, इसके अगले ही दिन 16 मई 2025 को एक अन्य आदेश जारी कर संजय कुमार सिंह को जीएलए कॉलेज से पुनः विश्वविद्यालय मुख्यालय में प्रतिनियुक्त कर दिया गया। इस फैसले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में बहस और चर्चाओं का दौर जारी है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर उठे सवाल

विश्वविद्यालय में अधिक वेतन भुगतान और लंबित वसूली की यह प्रक्रिया अब प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही का विषय बन गई है। संबंधित पक्षों की नजर इस बात पर टिकी है कि लंबित फाइलों का निपटारा कब होता है और शेष राशि की वसूली की प्रक्रिया कब तक पूरी की जाती है।