रांची: राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के न्यूरोसर्जरी विभाग में 70 नए बेड जोड़े जाने की तैयारी की जा रही है। इस फैसले से गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बेड की कमी के कारण कई मरीजों को फर्श पर रहकर इलाज कराना पड़ रहा था।


रिम्स का न्यूरोसर्जरी विभाग पूरे राज्य के मरीजों के लिए एक प्रमुख उपचार केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में गंभीर रोगी इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और सीमित संसाधनों को देखते हुए विभाग में बेड क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
वर्तमान में बेड की कमी के कारण कई मरीजों को वार्ड में जगह नहीं मिल पाती है, जिससे उन्हें फर्श पर रहकर इलाज कराना पड़ता है। 70 नए बेड की व्यवस्था होने के बाद इस समस्या में काफी हद तक कमी आने की संभावना है। इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं और समय पर उपचार मिल सकेगा।
न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती होने वाले अधिकांश मरीज गंभीर अवस्था में होते हैं। ऐसे में अतिरिक्त बेड की उपलब्धता से गंभीर मरीजों को तत्काल भर्ती करने और बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी।
रिम्स प्रशासन लगातार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। अस्पताल में 70 नए बेड जोड़ने की पहल को स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

