ई-वेस्ट निस्तारण के SOP पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगा जवाब

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रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के सुरक्षित निस्तारण और इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) नहीं होने के मामले में राज्य सरकार और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) से जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि ई-वेस्ट के सुरक्षित संग्रहण, प्रसंस्करण और निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया तैयार की गई है या नहीं।

मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश कुमार की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए ई-वेस्ट प्रबंधन को लेकर उठाए गए सवालों पर विस्तृत जवाब मांगा। यह जनहित याचिका शशि सागर वर्मा की ओर से दायर की गई है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश पोद्दार ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार ने ई-वेस्ट प्रबंधन के लिए नियम निर्धारित किए हैं, जिनके तहत राज्यों को सुरक्षित संग्रहण, प्रसंस्करण और निस्तारण के लिए SOP तैयार करना अनिवार्य है।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक कचरा अक्सर सामान्य कचरे के साथ मिल जाता है, जिससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। ई-वेस्ट में मौजूद हानिकारक तत्व पशु-पक्षियों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए भी खतरा बन सकते हैं।

याचिका में झारखंड में ई-वेस्ट के सुरक्षित प्रबंधन के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। अब इस मामले में राज्य सरकार और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जवाब का इंतजार है। हाईकोर्ट की अगली सुनवाई में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।