PLFI टेरर फंडिंग मामले में नंदलाल स्वरंकार की जमानत याचिका पर सुनवाई टली, 22 जून को अगली तारीख

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रांची/झारखंड: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन Peoples Liberation Front of India के सुप्रीमो Dinesh Gop से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में आरोपी नंदलाल स्वरंकार उर्फ नंदलाल सोनी की जमानत याचिका पर सुनवाई एक बार फिर टल गई है। विशेष एनआईए न्यायाधीश Abhimanyu Kumar की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की है।

सुनवाई के दौरान गवाह के अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत ने इसे नंदलाल स्वरंकार की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए अंतिम अवसर बताया है। इससे पहले भी गवाह की अनुपस्थिति के कारण जमानत मामले की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी थी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार नंदलाल स्वरंकार, पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के कथित टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़े शीर्ष सहयोगियों में शामिल है। यह मामला वर्ष 2016 में रांची जिले के बेड़ो थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले से संबंधित है।

जांच एजेंसी के अनुसार नोटबंदी के दौरान 10 नवंबर 2016 को पेट्रोल पंप कर्मियों के पास से 25.38 लाख रुपये के पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बरामद किए गए थे। जांच में दावा किया गया कि यह राशि पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप की थी और इसे लेवी तथा अवैध वसूली के माध्यम से जुटाया गया था।

इस मामले में रांची पुलिस ने 9 जनवरी 2017 को प्रारंभिक आरोपपत्र दाखिल किया था। बाद में टेरर फंडिंग से जुड़े इस मामले को एनआईए ने अपने हाथ में लिया और 19 जनवरी 2018 को नया मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में दिनेश गोप समेत 11 आरोपियों को नामजद किया है।

नामजद आरोपियों में विनोद कुमार, चंद्रशेखर कुमार, नंद किशोर महतो, मोहन कुमार उर्फ राजेश कुमार, सुमंत कुमार उर्फ पवन कुमार, नंदलाल स्वरंकार उर्फ नंदलाल सोनी, चंद्रशेखर सिंह, अरुण गोप, जितेंद्र कुमार और गुजरात निवासी नवीनभाई जयंतीभाई पटेल शामिल हैं।

अब इस मामले में सभी की नजरें 22 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां नंदलाल स्वरंकार की जमानत याचिका पर आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत का रुख स्पष्ट हो सकेगा।