पटना : बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान एक हाईटेक सिंडिकेट का पता चला, जो अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की वसूली कर रहा था। आरोप है कि गिरोह परीक्षा में पास कराने के लिए करीब 6 लाख रुपये तक की डील करता था और फर्जी दस्तावेजों के साथ OMR शीट में गड़बड़ी की योजना बनाता था।


जांच एजेंसियों की कार्रवाई में गया, कैमूर (भभुआ), रोहतास और नवादा समेत कई जिलों से जुड़े तार सामने आए हैं। पुलिस को फर्जी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है। पूछताछ में यह भी पता चला कि गिरोह भर्ती प्रक्रिया में धांधली कर अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से चयनित कराने का भरोसा देता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गहन जांच जारी है और सिंडिकेट से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है, जबकि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

