रांची: पश्चिमी सिंहभूम के झिंकपानी स्थित ACC अडानी सीमेंट प्लांट की प्रस्तावित बंदी को लेकर झारखंड सरकार सक्रिय हो गई है। प्लांट बंद होने से रोजगार पर मंडरा रहे संकट के बीच प्रभावित मजदूरों, स्थानीय ग्रामीणों और रैयतों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को रांची पहुंचा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की।


प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह केवल एक फैक्ट्री का मामला नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था इससे जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, प्लांट बंद होने से करीब 1,600 कर्मचारियों की नौकरी पर सीधा असर पड़ेगा, जबकि परिवहन, ठेका कार्य, छोटे व्यवसाय और अन्य गतिविधियों से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका भी प्रभावित होगी। प्रतिनिधियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों और स्थानीय लोगों की चिंताओं से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने कहा कि प्लांट का संचालन जारी रखने और रोजगार बचाने के लिए सरकार हरसंभव सकारात्मक पहल करेगी। बैठक स्थानीय विधायक एवं मंत्री दीपक बिरुवा के समन्वय से हुई, जिसमें रैयतों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने भी अपनी बातें रखीं।
गौरतलब है कि कंपनी प्रबंधन ने 15 जून 2026 को नोटिस जारी कर 16 अगस्त 2026 से प्लांट बंद करने की घोषणा की थी। वर्तमान में उत्पादन कार्य भी बंद कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के हस्तक्षेप से प्लांट का संचालन जारी रहेगा और क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले संभावित रोजगार संकट को टाला जा सकेगा।

