रांची: झारखंड में सिख समुदाय को जाति प्रमाण पत्र और आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग अब तेज होती जा रही है। इस मुद्दे पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।


आयोग के अनुसार, झारखंड में रहने वाले मजहबी और रंगरेटा सिख समुदाय को अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाण पत्र तथा आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके कारण समुदाय के लोग सरकारी नौकरियों, शिक्षा और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संवैधानिक लाभों से लंबे समय से वंचित हैं।
इस मुद्दे को युवा पत्रकार, समाजसेवी एवं बीर खालसा दल के सलाहकार प्रीतम सिंह भाटिया लगातार सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर उठाते रहे हैं। उनके प्रयासों के बाद सिख समाज की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने भी इस विषय पर सक्रिय पहल शुरू की है।
ज्योति सिंह मथारू ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में मजहबी और रंगरेटा सिख समुदाय को अनुसूचित जाति का दर्जा और आरक्षण का लाभ प्राप्त है। उन्होंने झारखंड में भी इसी व्यवस्था को लागू करने का आग्रह किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य बनने के बाद से यहां के ओबीसी और एससी वर्ग से जुड़े सिख समुदाय को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आयोग ने राज्य सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लेने की अपील की है, ताकि प्रभावित समुदाय को उनके संवैधानिक अधिकार मिल सकें।

