जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हिमांशु सिंह की हत्या और प्रत्युष आनंद पर हुए जानलेवा हमले के मामले की जांच में पुलिस लगातार जुटी हुई है। जांच के दौरान अब तक चार प्रत्यक्षदर्शियों (चश्मदीदों) के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस का मानना है कि इन बयानों से घटना के क्रम को समझने और जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।


सूत्रों के अनुसार, चारों गवाहों ने अपने बयान में कहा है कि डीडी बार के संचालक एवं भाजपा नेता नीरज सिंह बार में आने वाले हिमांशु सिंह और उनके साथियों को अक्सर धमकी देते थे। गवाहों ने यह भी दावा किया है कि घटना वाले दिन नीरज सिंह ने मुख्य आरोपी बोदरा को बुलाया था, जिसके बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस की जांच फिलहाल नीरज सिंह और मुख्य आरोपी बोदरा की भूमिका पर केंद्रित है।
मामले में मजबूत कानूनी आधार तैयार करने के लिए पुलिस राहुल दुबे को आधिकारिक गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए मामले से जुड़े सभी तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के अनुरूप वैज्ञानिक और तकनीकी जांच को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि सभी आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाए जा सकें।
इधर, पुलिस अब हमले में घायल प्रत्युष आनंद का बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है। इस सिलसिले में पुलिस की एक टीम कोलकाता भी गई थी, लेकिन चिकित्सकों ने प्रत्युष को बयान देने के लिए अभी फिट नहीं माना, जिसके कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। पुलिस ने परिजनों को बताया है कि डॉक्टरों की अनुमति मिलने और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद टीम दोबारा कोलकाता जाकर उनका बयान दर्ज करेगी।

