हजारीबाग भूमि घोटाला: निलंबित IAS विनय कुमार चौबे को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत

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रांची: हजारीबाग भूमि घोटाला मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने कथित भूमि अनियमितता मामले में उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए सशर्त जमानत देने का आदेश दिया है। यह मामला उनके हजारीबाग के उपायुक्त (डीसी) के कार्यकाल से जुड़ा है।

न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने सुनवाई के बाद विनय चौबे को सशर्त जमानत प्रदान की। इससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

विनय चौबे को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 20 मई 2025 को गिरफ्तार किया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में थे। उन पर आरोप है कि हजारीबाग में उपायुक्त रहते हुए सेवायत, खासमहल और वन भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भूमि की प्रकृति बदलने तथा उसे निजी लोगों के नाम हस्तांतरित करने में अनियमितताएं हुईं।

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कई शर्तें भी लगाई हैं। अदालत ने निर्देश दिया है कि विनय चौबे बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाएंगे, मामले के गवाहों को प्रभावित करने या उनसे संपर्क करने का प्रयास नहीं करेंगे तथा जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले के अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है और यह प्रकरण वर्ष 2009-10 के उनके कार्यकाल से संबंधित है। एसीबी द्वारा दर्ज कांड संख्या 11/2025 में विनय चौबे सहित कुल 73 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

इस मामले में जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। अन्य मामलों में भी उन्हें पहले ही राहत मिल चुकी है। हालांकि, उनके खिलाफ झारखंड के चर्चित शराब घोटाला, उत्पाद नीति 2022 और अन्य मामलों की जांच एवं कानूनी प्रक्रिया जारी है।