रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। AISA और AISF के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र सोमवार को अल्बर्ट एक्का चौक पर धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


छात्रों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा है कि कई मामलों में रिक्तियां जारी होने से पहले ही सीटों का सौदा कर लिया जाता है। इसके अलावा OMR शीट और कार्बन कॉपी में अंतर मिलने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि JPSC ने अब तक कट-ऑफ अंक और श्रेणीवार परिणाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने तंज कसते हुए कहा कि अब JPSC परीक्षा के चार चरण हो गए हैं—प्री, मेंस, इंटरव्यू और आंदोलन। उन्होंने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, स्थानीय एवं नियोजन नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। इसी क्रम में 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का भी ऐलान किया गया है, जिसमें राज्यभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।

