रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की हालिया भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण के कथित दुरुपयोग की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान ऐसे आरोप सामने आए हैं कि कुछ चयनित अभ्यर्थियों ने एक से अधिक राज्यों में EWS प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ लिया हो। हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


सूत्रों के अनुसार, CID यह जांच कर रही है कि 13वीं और 14वीं JPSC परीक्षा के कुछ अभ्यर्थियों ने झारखंड के साथ-साथ बिहार या उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में भी EWS आरक्षण का लाभ तो नहीं लिया। जांच एजेंसी संबंधित दस्तावेजों, प्रमाण पत्रों और अभिलेखों का सत्यापन कर रही है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देवघर समेत कुछ अन्य जिलों के मामलों की भी जांच के दायरे में होने की चर्चा है। हालांकि, CID ने अब तक किसी भी अभ्यर्थी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और न ही किसी को दोषी घोषित किया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है। अंतिम निष्कर्ष और किसी भी प्रकार की कार्रवाई CID की आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। जांच पूरी होने तक किसी भी अभ्यर्थी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

