रांची: JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के बाद करीब 2 हजार चयनित अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। बुधवार को हुई बैठक में चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति बहाल होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल कर मेरिट में स्थान बनाया था और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी नियुक्ति हुई थी। ऐसे में पूरी परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ा है।
नियुक्ति रद्द करने के फैसले को कोर्ट में चुनौती
चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि उनकी नियुक्ति कोर्ट के आदेश और निर्धारित नियमों के अनुसार हुई थी। इसलिए सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले को वे दोबारा अदालत में चुनौती देंगे।
बैठक में कानूनी लड़ाई के साथ आंदोलन को तेज करने का भी निर्णय लिया गया। अभ्यर्थियों के अनुसार, रांची में आंदोलन का स्थान जल्द तय किया जाएगा। इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी नियुक्ति बहाल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
कहा- यह सिर्फ नौकरी नहीं, भविष्य की लड़ाई
चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ नौकरी बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके भविष्य और उनके साथ हुए कथित अन्याय का सवाल है। उन्होंने सरकार से चयनित अभ्यर्थियों के हित में परीक्षा रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार कर नियुक्तियां बहाल करने की मांग की।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।

