रांची: झारखंड में 2029 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अभी से अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के गठन के बाद झारखंड के कई वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।


बैठक में झारखंड की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले समय में पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा होने की बात सामने आई है। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चंपाई सोरेन समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
झारखंड की राजनीति पर हुई चर्चा
बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और रवींद्र राय भी शामिल रहे। नेताओं ने अमित शाह को राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से अवगत कराया।
इसके साथ ही आने वाले दिनों में पार्टी को किस दिशा में आगे बढ़ना है और संगठन को किस तरह मजबूत किया जाए, इस पर भी चर्चा हुई।
बड़े नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश
झारखंड भाजपा में अलग-अलग गुटों के बीच मतभेद की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में राज्य के लगभग सभी प्रमुख नेताओं का एक साथ अमित शाह से मिलना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पार्टी के संगठन को मजबूत करने और सभी बड़े नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया। हालांकि, ‘ऑपरेशन लोटस’ को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि भाजपा नेताओं की ओर से नहीं की गई है।
2029 की तैयारी पर नजर
भाजपा नेतृत्व का फोकस अब झारखंड में संगठन को सक्रिय करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत आधार तैयार करने पर है। वरिष्ठ नेताओं की यह बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
हालांकि, अमित शाह और झारखंड भाजपा नेताओं के बीच हुई बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। आने वाले दिनों में संगठन स्तर पर होने वाले बदलाव और रणनीतिक फैसलों से बैठक के प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकेगा।

