रांची: MMDR Amendment 2026 को लेकर झारखंड में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विरोध के बाद अब NDA की सहयोगी AJSU पार्टी ने भी केंद्र सरकार के सामने झारखंड के हितों से जुड़ी कई मांगें रखी हैं। AJSU प्रमुख सुदेश महतो ने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को पत्र भेजकर खनिज संपदा वाले राज्यों के अधिकारों और खनन प्रभावित लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की है।


खनिज भूमि पर सेस लगाने का अधिकार मांगा
सुदेश महतो ने मांग की है कि झारखंड को खनिजयुक्त भूमि पर सेस लगाने का अधिकार दिया जाए। AJSU का कहना है कि यह अधिकार नहीं मिलने पर राज्य के राजस्व पर असर पड़ सकता है। पार्टी ने यह भी मांग की कि सेस से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर खर्च किया जाए।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास पर जोर
AJSU ने खनन क्षेत्रों में बेहतर स्कूल, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वच्छ पेयजल और पक्की सड़कों की व्यवस्था की मांग की है। इसके अलावा विस्थापित परिवारों के बेहतर और सम्मानजनक पुनर्वास पर भी जोर दिया गया है।
अवैध कोयला खनन पर चिंता
पार्टी ने झारखंड में अवैध कोयला खनन को लेकर भी चिंता जताई है। AJSU ने खदान क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि अवैध खनन पर रोक लगाकर कानूनी तरीके से कोयला उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, जिससे सरकार को रॉयल्टी और राजस्व भी प्राप्त होगा।
हेमंत सोरेन पहले ही जता चुके हैं विरोध
MMDR Amendment को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही केंद्र के सामने अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र भेजकर संशोधन की समीक्षा की मांग की थी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाने और कोयला परिवहन रोकने जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी थी।
AJSU के पत्र के बाद MMDR Amendment को लेकर झारखंड में राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि राज्य के खनिज संसाधनों से होने वाले लाभ में झारखंड और खनन प्रभावित लोगों का उचित अधिकार सुनिश्चित होना चाहिए।

