जमशेदपुर: टाटा स्टील UISL ने 500 KLD STP में अपनाई उन्नत अपशिष्ट जल उपचार तकनीक

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जमशेदपुर: टाटा स्टील UISL ने सतत अपशिष्ट जल प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। कंपनी ने खरकई एन्क्लेव, मरीन ड्राइव, सोनारी के पास स्थित 500 KLD पैकेज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में इलेक्ट्रो ऑक्सीडेशन–इलेक्ट्रो कोएगुलेशन आधारित उन्नत तकनीक को अपनाया है। इस तकनीक को M/s Inphlox Water Systems ने विकसित किया है।

कंपनी के अनुसार, यह प्रणाली पारंपरिक जैविक उपचार प्रणालियों के विकल्प के रूप में कम स्थान में स्थापित की जा सकती है। इसका डिजाइन मॉड्यूलर और स्केलेबल है, जिससे भविष्य में आवश्यकता के अनुसार क्षमता बढ़ाने में सुविधा होगी। प्रणाली में कम ऊर्जा की खपत के साथ अपेक्षाकृत कम स्लज और दुर्गंध उत्पन्न होने की बात कही गई है।

इस तकनीक की प्रमुख विशेषता पोर्टेबल रिएक्टर है, जिसमें प्लग-इन और प्लग-आउट सुविधा उपलब्ध है। इसके कारण आवश्यकता के अनुसार प्लांट को शुरू या बंद किया जा सकता है और बंद अवधि में बायोमास कल्चर बनाए रखने की जरूरत नहीं होती।

सुविधा का उद्घाटन टाटा स्टील के उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदर रामम ने किया। मौके पर टाटा स्टील UISL के प्रबंध निदेशक अतुल कुमार भटनागर, वी.पी. सिंह, संजीव कुमार झा, रघुनाथ पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।