लाइफस्टाइल: मॉल, ऑफिस, रेलवे स्टेशन या सफर के दौरान कई बार महिलाओं को पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करना पड़ता है। लेकिन हर जगह साफ-सफाई की स्थिति एक जैसी नहीं होती। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।


पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने से पहले सीट की स्थिति जरूर देखें। यदि सीट पर गंदगी या पानी हो, तो उपलब्ध टॉयलेट क्लीनिंग वाइप से उसे साफ करें। टॉयलेट सीट पर पैर रखकर उकड़ूं बैठने से बचें, क्योंकि इससे फिसलने और संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। अपने बैग और मोबाइल फोन को गंदे फर्श पर रखने के बजाय उपलब्ध हुक या शेल्फ का इस्तेमाल करें। सफर के दौरान बैग में टिश्यू पेपर और जरूरत के अन्य स्वच्छता संबंधी सामान रखना भी उपयोगी हो सकता है।
टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद सफाई करते समय आगे से पीछे की ओर पोंछें। इससे गुदा क्षेत्र के बैक्टीरिया के पेशाब निकलने वाली जगह तक पहुंचने का जोखिम कम करने में मदद मिलती है। पीरियड्स के दौरान इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड को कागज में लपेटकर कूड़ेदान में डालें। पैड को फ्लश न करें, क्योंकि इससे पाइप जाम हो सकते हैं।
निजी अंगों के बाहरी हिस्से की सफाई के लिए साफ पानी पर्याप्त हो सकता है। खुशबूदार वाइप, इंटिमेट वॉश और तेज साबुन संवेदनशील त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद साबुन और साफ पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं। यदि पानी और साबुन उपलब्ध न हों, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है।
पेशाब की जरूरत को लंबे समय तक न टालें और पर्याप्त पानी पिएं। ध्यान रखें कि आमतौर पर केवल टॉयलेट सीट के संपर्क में आने से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) नहीं होता। यदि पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने या अन्य असामान्य लक्षणों का अनुभव हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।

