रांची: उषा मार्टिन विश्वविद्यालय (यूएमयू), रांची के डीन-एकेडमिक्स प्रो. बी. एन. सिन्हा को फार्मास्यूटिकल साइंसेज के क्षेत्र में झारखंड के लिए उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘झारखंड सेवा रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह रांची के धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा भवन के सभागार में आयोजित किया गया। इस संबंध में विश्व सेवा परिषद के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक डॉ. बी. बी. राज ने जानकारी दी।


प्रो. सिन्हा ने अपने 43 वर्षों से अधिक के अकादमिक करियर में औषधि खोज (ड्रग डिस्कवरी) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। एंटीवायरल और एंटीकैंसर दवाओं के विकास से संबंधित उनके शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर भी काम किया है। इससे पहले, ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स की सूची में उन्हें दुनिया के शीर्ष पांच प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान मिला था।
प्रो. सिन्हा ने फरवरी 2025 में उषा मार्टिन विश्वविद्यालय में डीन-एकेडमिक्स का पदभार संभाला था। इससे पहले वे बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा में फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी विभाग में प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष और डायरेक्टर-आईक्यूएसी के पद पर कार्यरत थे। बीआईटी मेसरा में उन्होंने चार दशकों से अधिक समय तक अध्यापन, शोध और अकादमिक प्रशासन में योगदान दिया।
शोध के क्षेत्र में भी प्रो. सिन्हा की उपलब्धियां उल्लेखनीय रही हैं। उनके 150 से अधिक शोध-पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा, उनके नाम तीन पेटेंट दर्ज हैं और उन्होंने कई पुस्तकों के अध्यायों में भी योगदान दिया है।
प्रो. सिन्हा को मिला यह सम्मान फार्मास्यूटिकल साइंसेज, शोध और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे अकादमिक योगदान को रेखांकित करता है।

