रांची: झारखंड, बिहार और ओडिशा के बीच अंतरराज्यीय बस परिचालन को लेकर राज्य सरकार ने त्रिपक्षीय समझौते का मसौदा जारी किया है। इसमें तीनों राज्यों के बीच 46 बस रूट प्रस्तावित किए गए हैं। परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 88(5) के तहत तैयार मसौदे को 23 अक्टूबर को झारखंड गजट में प्रकाशित किया है। इस पर परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा के हस्ताक्षर हैं। सरकार ने वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।


गजट प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर इच्छुक व्यक्ति सचिव, परिवहन विभाग, एफएफपी भवन, धुर्वा, रांची के समक्ष अपना प्रतिवेदन दे सकते हैं। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर अगले 30 दिनों के भीतर सुनवाई की जाएगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समझौते और प्रस्तावित बस मार्गों को लेकर आगे की कार्रवाई होगी।
मसौदे में ओडिशा के विभिन्न शहरों से पटना, गया, भागलपुर, बिहारशरीफ, दरभंगा और बिहार के अन्य शहरों तक बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है। इन मार्गों में झारखंड के रांची, जमशोला, टाटा, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, चाईबासा, दुमका और हजारीबाग समेत कई स्थान शामिल हैं। प्रमुख प्रस्तावित मार्गों में भुवनेश्वर-पटना, रायरंगपुर-बिहारशरीफ, राउरकेला-भागलपुर, बालासोर-पटना, पुरी-गया, रायरंगपुर-दरभंगा और राउरकेला-पटना शामिल हैं।
मसौदे के अनुसार, भुवनेश्वर-पटना मार्ग की दूरी 870 किलोमीटर, पुरी-गया की 833 किलोमीटर, रायरंगपुर-पटना की 780 किलोमीटर और राउरकेला-गयाजी की 353 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इसके अलावा झारसुगुड़ा-हाजीपुर, झारसुगुड़ा-सिवान, संबलपुर-दरभंगा, पुरी-भागलपुर और बोनाईगढ़-रानीगंज जैसे मार्ग भी प्रस्तावित हैं। प्रत्येक मार्ग के लिए परमिट और ट्रिप की संख्या का प्रावधान रखा गया है। समझौते को अंतिम रूप देने से पहले आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया जाएगा।

