जमशेदपुर: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए धालभूम अनुमंडल प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों और उनके 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। एक नवंबर को होने वाली परीक्षा को देखते हुए धालभूम के अनुमंडल दंडाधिकारी अर्नव मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। यह आदेश एक नवंबर को सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।


प्रशासनिक आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश, पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जमा होने, सभा करने, नारेबाजी और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। परीक्षा केंद्रों के भीतर और आसपास मोबाइल फोन, पेजर, कैलकुलेटर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, किताबें, नोट्स और नकल सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा प्रतिबंधित क्षेत्र में लाठी-डंडा, चाकू, गड़ासा, फरसा, आग्नेयास्त्र और अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर रोक लगाई गई है। तेज आवाज वाले पटाखे फोड़ने और भड़काऊ भाषण देने की भी अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना है।
आदेश में वैध प्रवेश पत्र वाले परीक्षार्थियों तथा परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकृत पदाधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित छूट दी गई है। शादी-विवाह, धार्मिक पूजा-अर्चना, शव यात्रा और ड्यूटी पर तैनात सरकारी सेवकों को भी नियमानुसार छूट मिलेगी। सिख और नेपाली समुदाय के लोगों को पारंपरिक कृपाण और खुकरी रखने की अनुमति होगी।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

